द फॉलोअप डेस्क
ओडिशा में दो दिनों के भीतर अलग-अलग घटनाओं में जनगणना के काम में लगे दो स्कूल शिक्षकों की मौत हो गई। इन मौतों की जांच शुरू हो गई है, क्योंकि अधिकारी ज़िला रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं और गर्मी से बचाव के उपाय पहले से ही लागू हैं। मृतक शिक्षक के परिवार वालों ने आरोप लगाया कि उन्होंने पहले ही अपने साथियों को बताया था कि बीमार होने के बावजूद अधिकारी उन पर जनगणना ड्यूटी जारी रखने का दबाव डाल रहे थे। मृतक शिक्षक के परिवार वालों ने आरोप लगाया कि उन्होंने पहले ही अपने साथियों को बताया था कि बीमार होने के बावजूद अधिकारी उन पर जनगणना ड्यूटी जारी रखने का दबाव डाल रहे थे। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि ओडिशा में दो दिनों के भीतर अलग-अलग घटनाओं में जनगणना के काम में लगे दो स्कूल शिक्षकों की कथित तौर पर लू लगने से मौत हो गई। ये घटनाएं मयूरभंज और सुंदरगढ़ ज़िलों में हुईं, जहाँ तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुँच गया है। राज्य में इस तरह की यह तीसरी घटना है।

क्या कहा स्कूल की प्रधानाध्यापिका ने
मयूरभंज ज़िले के बेतनोटी से मिली एक रिपोर्ट के अनुसार, बेतनोटी ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले बैद्यनाथ हाई स्कूल के शिक्षक राजकपूर हेम्ब्रम की रविवार शाम बारीपदा के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। उनके भतीजे लक्ष्मीकांत हेम्ब्रम ने बताया कि जनगणना के लिए घर-घर जाकर सर्वे करने के बाद जब वे लौटे, तो बेहोश हो गए; जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। स्कूल की प्रधानाध्यापिका ममता दास ने कहा, "जनगणना का काम खत्म करके लौटने के बाद राजकपूर हेम्ब्रम ने बेचैनी की शिकायत की थी। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनकी मौत हो गई। उन्हें जनगणना के लिए तीन गाँवों की ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी।"

पहले भी हो चुकी है एक मौत
सुंदरगढ़ ज़िले से मिली एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, गुरुंडिया ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले जराडा सरकारी हाई स्कूल के शिक्षक अनुराग एक्का भी शनिवार को जनगणना ड्यूटी के दौरान बीमार पड़ गए और उसी दिन उनकी मौत हो गई। उन्हें पहले गुरुंडिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन जब उनकी हालत बिगड़ने लगी, तो उन्हें ज़िला मुख्यालय अस्पताल में शिफ़्ट कर दिया गया। यहाँ स्पेशल रिलीफ कमिश्नर के दफ़्तर के अधिकारियों ने बताया कि संबंधित ज़िला कलेक्टर इस मामले की जाँच कर रहे हैं, और ज़िला अधिकारियों से रिपोर्ट मिलने के बाद ही उनकी मौत की सही वजह पता चल पाएगी। इससे पहले, 21 अप्रैल को ज़िला कलेक्टरों को भेजे गए एक सरकारी पत्र में बताया गया था कि सोनपुर ज़िले में जनगणना ड्यूटी से लौटने के बाद, जनगणना के काम में लगे एक कर्मचारी की कथित तौर पर दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी।
